
बीमा कंपनियों द्वारा किसानों को फसल बीमा राशि का भुगतान न किए जाने के विरोध में 4 सितंबर, गुरुवार को जावर तहसील मुख्यालय पर विशाल किसान आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन में जावर नगर सहित आसपास के दर्जनों गांवों के हजारों किसान शामिल होंगे। आंदोलन का नेतृत्व जावर नगर के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शैलेश वैद्य करेंगे।
श्री वैद्य ने जानकारी देते हुए बताया कि जावर सहकारी बैंक के माध्यम से वर्ष 2023-24 में 2759 किसानों ने रबी की फसल के लिए ₹28,93,000 तथा 2564 किसानों ने खरीफ फसल के लिए ₹32,22,683.36 का बीमा प्रीमियम जमा किया था। कुल जमा राशि ₹61,22,683.36 है, लेकिन भारी नुकसान के बावजूद बीमा कंपनियों ने किसानों को भुगतान नहीं किया है।
पूर्व अध्यक्ष वैद्य ने बताया कि जब किसान बैंक जाते हैं, तो उन्हें पटवारी के सर्वे को लेकर टाल दिया जाता है, और जब तहसील में जाते हैं, तो कहा जाता है कि सर्वे हो चुका है। इस भटकाव से किसान बेहद परेशान हैं। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग और प्रशासन को इस मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए।
किसानों ने अब ठान लिया है कि वे 4 सितंबर को गांधी चौक से पैदल मार्च करते हुए जावर तहसील पहुंचेंगे और वहीं धरने पर बैठेंगे। किसान यह धरना तब तक जारी रखेंगे जब तक बीमा की राशि उनके खातों में जमा नहीं कर दी जाती।
इस आंदोलन में प्रमुख रूप से सूरज सिंह प्रजापत, अज्जू भाई, जसपाल सिंह ठाकुर, धर्मेंद्र सिंह ठाकुर, ठाकुर सिंह ठाकुर, विजेंद्र सिंह ठाकुर, राजेंद्र सिंह ठाकुर, संदीप शर्मा, जितेंद्र प्रजापति सहित सैकड़ों किसान भाग लेंगे।
जावर के किसान नेता धीरज सिंह ठाकुर ने कहा कि किसान अपना खेत देखें या दफ्तरों के चक्कर लगाएं, यह सबसे बड़ा सवाल है। कोई भी अधिकारी उनकी सुनवाई को तैयार नहीं है।
किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
