
25 अगस्त, इंदौर – इंदौर जिले के थाना बेटमा स्थित ग्राम दौलताबाद के रविदास समाज के युवक विकास चौहान को सोशल मीडिया पर एक मौलाना के बयान का वीडियो स्टेटस लगाने के बाद “सर तन से जुदा” की धमकियाँ मिलीं। कट्टरपंथी तत्वों द्वारा की गई इस धमकी से क्षेत्र में तनाव फैल गया और इस पर दलित समाज ने विरोध जताते हुए बेटमा थाने का घेराव किया।
धमकियों से बढ़ा तनाव
विकास चौहान ने सोशल मीडिया पर एक मौलाना के विवादास्पद बयान का वीडियो पोस्ट किया था, जिसके बाद मुस्लिम कट्टरपंथी तत्वों ने उसे जान से मारने की धमकियाँ दीं। धमकियों में “सर तन से जुदा” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया और विकास चौहान की फोटो को सोशल मीडिया पर पोस्ट करके उसे जान से मारने का इशारा किया गया। इन धमकियों के साथ ही आरोपियों ने “गुस्ताख़ नबी की एक सजा, सर तन से जुदा” गाने को सेट कर बेटमा में दंगे भड़काने की कोशिश की।

दलित समाज का विरोध प्रदर्शन
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने इस मामले की जानकारी अखिल भारतीय बलाई महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार को दी। इसके बाद दलित समाज और हिन्दू संगठनों ने मिलकर बेटमा थाने का घेराव किया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सकल हिन्दू समाज के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने पहले बेटमा के मुख्य चौराहे पर स्थित बाबा साहब अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, फिर रैली के रूप में थाने पहुंचे और जोरदार नारेबाजी करते हुए धरना दिया।
आरोपियों पर कार्रवाई की मांग
दलित नेताओं ने आरोप लगाया कि जिहादी मुस्लिम गुंडों द्वारा विकास चौहान को जान से मारने की धमकियाँ दी गईं। प्रदर्शनकारियों ने जावेद खान, सलीम शाह, मोनू खान, इस्तकार खान, सलीम खान, अनवर खान, सगीर खान, रज्जाक खान, वसिम खान, जावेद मंसूरी, भोलू शाह जैसे आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। इन सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई न होने पर आंदोलनकारियों ने हाइवे जाम करने की और अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी।

प्रशासन का आश्वासन
थाना प्रभारी मीणा कर्णावत और SDOP देपालपुर संघ प्रिय सम्राट ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि सभी आरोपियों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाएगी। प्रशासन ने कहा कि बेटमा की शांति भंग करने वाले जिहादी तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डाला जाएगा।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख नेता
इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से दलित समाज के प्रमुख कार्यकर्ता और हिन्दू संगठनों के नेता शामिल हुए। प्रदर्शन में संगीता पाटोदी, रेखा सोलंकी, सुनीता ठाकुर, रिंकू नागर (बजरंग दल के प्रखंड संयोजक), जितेन्द्र परिहार, सुनील परिहार, हरिओम ज़ी नागर, जयेश राठौर, बलराम पटेल, पायल विश्वकर्मा, रिशिता गुर्जर, पवन जोशी, सुरेश सिंह भदौरिया, विकास पटेल, पवन भावसार, संतोष अलोने, आशुतोष गिरनार, दिनेश कुलपारे, दिनेश हिरवे, लखन देपाले, संदीप रायकवार, सोम बहादुर सोनी, गौरव वानखेडे, अमित चिनाल, विक्की कायत, दीपक वैष्णव, अंकित हिरवे, राज परमार और सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
अब प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है कि वह इस मामले की गंभीरता को समझे और जिहादी तत्वों के खिलाफ कठोर कदम उठाए, ताकि समाज में शांति बनाए रखी जा सके। यदि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती है, तो दलित समाज और हिन्दू संगठन अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कर सकते हैं।
